शौर्य चक्र (SHAURYA CHAKRA)

मेडल: गोलाकार और कांस्य निर्मित, 1.38 इंच का व्यास है । इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है जो कमल माला से घिरी हुई है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में शौर्य चक्र उत्कीर्ण है, और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग हो रहे हैं ।

फीता: तीन खड़ी लाइनों द्वारा बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का फीता ।

बार: यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता ऐसी वीरता का कार्य पुनः करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने के लिए पात्र बनाएगा तो फीते को जोड़े जाने के लिए ऐसे और वीरता के कार्य की पहचान बार द्वारा की जाएगी जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है । प्रदत्त प्रत्येक बार के लिए लघुचित्र में चक्र की एक प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते के साथ शामिल की ।

कीर्ति चक्र (KIRITI CHAKRA)

मेडल: गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित, 1.38 इंच का व्यास है । इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है जो कमल माला से घिरी हुई है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में कीर्ति चक्र उत्कीर्ण है, और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग हो रहे हैं ।

फीता: दो नारंगी खड़ी लाइनों द्वारा तीन बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का फीता

बार: यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता ऐसी वीरता का कार्य पुनः करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने के लिए पात्र बनाएगा तो फीते को जोड़े जाने के लिए ऐसे और वीरता के कार्य की पहचान बार द्वारा की जाएगी जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है । प्रदत्त प्रत्येक बार के लिए लघुचित्र में चक्र की एक प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते के साथ शामिल की जाएगी ।

अशोक चक्र (ASHOKA CHAKRA)

मेडलः गोलाकार, दोनों तरफ रिमों के साथ 1.38 इंच का व्यास और स्वर्ण-कलई का होगा । इसके अग्रभाग पर, इसके केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण होगी जिसके चारों ओर कमल-माला है । इसके पश्चभाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में “अशोक चक्र” शब्द उत्कीर्ण होंगे, दोनों रूपान्तरण दो कमल के फूलों से अलग-अलग हो रहे हैं ।

फीता: नारंगी खड़ी लाइन द्वारा दो बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का फीता ।

बार: यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता ऐसी वीरता का कार्य पुनः करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने के लिए पात्र बनाएगा तो फीते को जोड़े जाने के लिए ऐसे और वीरता के कार्य की पहचान बार द्वारा की जाएगी जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है और प्रत्येक ऐसे तदनन्तर वीरतापूर्ण कार्य के लिए एक अतिरिक्त बार शामिल किया जाएगा । ऐसे प्रत्येक बार के लिए लघुचित्र में चक्र की एक प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते के साथ शामिल की जाएगी ।

वीर चक्र (VIR CHAKRA)

मेडलः गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित है और इसके अग्रभाग पर पांच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उत्कीर्ण किया गया है जिसके कोने गोलाकार किनारों को छू रहे हैं । इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक (ध्येय सहित) उत्कीर्ण है जो उभरा हुआ है । तारा पॉलिश किया हुआ है और केन्द्र भाग स्वर्ण-कलई में है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी शब्दों के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में वीर चक्र उत्कीर्ण किया गया है । इसकी फिटिंग घुमाऊ उभारयुक्त है ।

फीता: फीता आधा नीला रंग और आधा नारंगी रंग का है ।

बारः यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता पुनः ऐसी ही बहादुरी का कार्य करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने हेतु पात्र बनाता है तो आगे ऐसा बहादुरी का कार्य किसी बार द्वारा उस फीता / पट्टी में जोड़े जाने के लिए रिकार्ड किया जाएगा जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है । ऐसा कोई बार अथवा बार्स मरणोपरान्त भी प्रदान किया जा सकता है । प्रदत्त प्रत्येक बार के लिए, लघुचित्र में “चक्र” की प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते / पट्टी में सम्मिलित की जाएगी ।

महावीर चक्र (MAHA VIR CHAKRA)

मेडलः गोलाकार और स्टैण्डर्ड सिल्वर निर्मित है और इसके अग्रभाग पर पांच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उत्कीर्ण किया गया है जिसके कोने गोलाकार किनारों को छू रहे हैं । इस मेडल का व्यास 1.38 इंच का है इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक (ध्येय सहित) उत्कीर्ण है जो उभरा हुआ है । तारा पॉलिश किया हुआ है और केन्द्र भाग स्वर्ण-कलई में है । इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी शब्दों के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में महावीर चक्र उत्कीर्ण किया गया है । इसकी फिटिंग घुमाऊ उभारयुक्त है ।

फीता: फीता आधा सफेद रंग और आधा नारंगी रंग का है ।

बारः यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता पुनः ऐसी ही बहादुरी का कार्य करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने हेतु पात्र बनाता है तो आगे ऐसा बहादुरी का कार्य किसी बार द्वारा उस फीता / पट्टी में जोड़े जाने के लिए रिकार्ड किया जाएगा जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है । प्रदत्त प्रत्येक बार के लिए, लघुचित्र में “चक्र” की प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते / पट्टी में सम्मिलित की जाएगी ।

परम वीर चक्र (PARAM VIR CHAKRA)

परम वीर चक्र (PARAM VIR CHAKRA)
परम वीर चक्र (PARAM VIR CHAKRA)

मेडल : गोलाकार, कांस्य निर्मित, 1.38 इंच का व्यास और अग्रभाग पर केंद्र में उभरी हुई राज्य के प्रतीक ( ध्येय सहित ) के साथ “इन्द्र के वज्र” की चार प्रतिकृतियां । इसके पश्चभाग पर, इसमें हिन्दी और अंग्रेजी के बीच में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में परम वीर चक्र उभरा हुआ होगा । इसकी फिटिंग घुमाऊ उभार युक्त होगी ।

फीताः सादा बैंगनी रंग का फीता.

बार: यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता पुनः ऐसी ही बहादुरी का कार्य करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने हेतु पात्र बनाता है तो आगे ऐसा बहादुरी का कार्य किसी बार द्वारा उस फीता / पट्टी में जोड़े जाने के लिए रिकार्ड किया जाएगा जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है । प्रदत्त प्रत्येक बार के लिए, लघुचित्र में “इंद्र के वज्र” की प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते / पट्टी में सम्मिलित की जाएगी ।

पुरस्कार के बारे में (Gallantry Awards)

स्वतंत्रता के पश्चात, भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी, 1950 को प्रथम तीन वीरता पुरस्कार अर्थात परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र प्रारंभ किए गए थे, जिन्हें 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया था

इसके पश्चात, भारत सरकार द्वारा दिनांक 4 जनवरी, 1952 को अन्य तीन वीरता पुरस्कार अर्थात अशोक चक्र श्रेणी – I, अशोक चक्र श्रेणी-II और अशोक चक्र श्रेणी-III प्रारंभ किए गए थे जिन्हें 15 अगस्त, 1947 से प्रभावी माना गया था । इन पुरस्कारों को जनवरी, 1967 में क्रमशः अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र के रूप में पुनः नाम दिया गया था।

ये वीरता पुरस्कार वर्ष में दो बार घोषित किए जाते हैं – गणतंत्र दिवस के अवसर पर और फिर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ।

इन पुरस्कारों का वरीयता क्रम परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र है ।

परम वीर चक्र (PARAM VIR CHAKRA)

महावीर चक्र (MAHAVIR CHAKRA)

वीर चक्र (VIR CHAKRA)

अशोक चक्र (ASHOKA CHAKRA)

कीर्ति चक्र (KIRTI CHAKRA)

शौर्य चक्र (SHAURYA CHAKRA)

अलंकरण समारोह (INVESTITURE CEREMONY)

कुछ अन्य रक्षा प्रतिष्ठित सेना पुरस्कारों के साथ वीरता पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के अवसर पर पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं / उनके निकट संबंधियों (एनओके) को प्रदान किए जाते हैं । तथापि, परम वीर चक्र और अशोक चक्र राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कारप्राप्त कर्ताओं / उनके निकट संबंधियों को प्रदान किए जाते हैं ।