अशोक चक्र (ASHOKA CHAKRA)

मेडलः गोलाकार, दोनों तरफ रिमों के साथ 1.38 इंच का व्यास और स्वर्ण-कलई का होगा । इसके अग्रभाग पर, इसके केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण होगी जिसके चारों ओर कमल-माला है । इसके पश्चभाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में “अशोक चक्र” शब्द उत्कीर्ण होंगे, दोनों रूपान्तरण दो कमल के फूलों से अलग-अलग हो रहे हैं ।

फीता: नारंगी खड़ी लाइन द्वारा दो बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का फीता ।

बार: यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता ऐसी वीरता का कार्य पुनः करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने के लिए पात्र बनाएगा तो फीते को जोड़े जाने के लिए ऐसे और वीरता के कार्य की पहचान बार द्वारा की जाएगी जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है और प्रत्येक ऐसे तदनन्तर वीरतापूर्ण कार्य के लिए एक अतिरिक्त बार शामिल किया जाएगा । ऐसे प्रत्येक बार के लिए लघुचित्र में चक्र की एक प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते के साथ शामिल की जाएगी ।